उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (डीए) में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही डीए 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। बढ़ा हुआ डीए एक जनवरी 2026 से लागू होगा। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार ने शासनादेश जारी कर दिया है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 16.35 लाख राज्य कर्मचारियों और 11.52 लाख पेंशनरों को लाभ मिलेगा। यानी कुल मिलाकर लगभग 28 लाख कर्मचारी और पेंशनर बढ़े हुए महंगाई भत्ते का फायदा पाएंगे।
जनवरी से अप्रैल तक का मिलेगा एरियर
जारी आदेश के अनुसार राज्य सरकार के नियमित, पूर्णकालिक कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक संस्थाओं के कर्मचारियों, शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारियों तथा कार्य प्रभारित कर्मचारियों को बढ़े हुए डीए का लाभ मिलेगा। एक जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक के डीए एरियर का भुगतान सीधे नकद नहीं किया जाएगा। यह राशि कर्मचारियों के भविष्य निधि (जीपीएफ) अथवा राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) खातों में जमा की जाएगी। मई 2026 के वेतन से कर्मचारियों को बढ़े हुए डीए का नकद भुगतान शुरू होगा।
जीपीएफ खाता जरूरी नहीं
आदेश में कहा गया है कि जिन कर्मचारियों का जीपीएफ खाता नहीं है, उनकी एरियर राशि पीपीएफ या राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र के रूप में जमा कराई जाएगी। वहीं, जो कर्मचारी 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं या 30 अप्रैल 2026 तक सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें डीए एरियर का भुगतान नकद किया जाएगा। राज्य सरकार ने यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत किए जाने के बाद लिया है।
1300 करोड़ का पड़ेगा अधिभार
महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि से सरकारी खजाने पर भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ेगा। इससे सरकार पर सालाना करीब 1300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ सकता है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में डीए में तीन प्रतिशत वृद्धि पर सरकार ने करीब 1960 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय का अनुमान जताया था।