रायबरेली। प्रेरणा ओजस के तहत जिले में साेलर प्रोडक्ट असेंबलिंग यूनिट लगाई जाएगी। यूनिट के लिए त्रिपुला चौराहा स्थित दुग्ध समिति के बंद पड़े प्रशिक्षण केंद्र का चयन किया गया। इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए टीम का गठन हो गया है। इसके तहत सोलर से बने प्रोडक्ट को असेंबल किया जाएगा, इससे करीब 10 हजार महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिल सकेगा।
प्रेरणा ओजस के तहत महिलाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी रूप से निपुण बनाया जाएगा। जिले में सोलर एनर्जी प्रोडक्ट की असेंबलिंग यूनिट स्थापित की जाएगी। इसके तहत सोलर से बने प्रोडक्ट को असेंबल किया जाएगा।
महिलाओं को मिलेगा 2500-3000 रुपये तक मानदेय
यह सूर्य सखी योजना महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण विकास के लिए चलाई जा रही है। इसके तहत गांवों की महिलाओं को सौर ऊर्जा से जुड़ी तकनीकी ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। योजना के अंतर्गत महिलाओं को सोलर लैंप, सोलर पैनल, चार्जिंग यूनिट और अन्य उपकरणों की स्थापना, संचालन और रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके साथ ही, उन्हें तकनीकी खराबियों को ठीक करने और उत्पादों की बिक्री से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी, जिससे वह बिक्री व सर्विस में दक्ष हो सकें। इस योजना से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। इसके तहत प्रति महिलाओं को 2500-3000 रुपये मानदेय व सोलर उत्पादों की बिक्री पर कमीशन भी मिलेगा, इससे वह नियमित आय अर्जित करे सकेंगी।
असेंबलिंग यूनिट 5000 वर्ग फुट में बने सरकारी भवन में होगी, जिसमें बड़ा हाल, किचन, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय व खुला स्थान हो। इसके लिए त्रिपुला चौराहा स्थित दुग्ध समिति के बंद पड़े प्रशिक्षण केंद्र का चयन कर लिया गया है।
इसी भवन में यूनिट व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी। जिलाधिकारी की तरफ से पराग के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा जा रहा है। स्वीकृति मिलते ही काम में तेजी आएगी। यह योजना सभी 18 ब्लॉकों में चलेगी।
असेंबलिंग यूनिट 5000 वर्ग फुट में बने सरकारी भवन में होगी, जिसमें बड़ा हाल, किचन, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय व खुला स्थान हो। इसके लिए त्रिपुला चौराहा स्थित दुग्ध समिति के बंद पड़े प्रशिक्षण केंद्र का चयन कर लिया गया है।
इसी भवन में यूनिट व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी। जिलाधिकारी की तरफ से पराग के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा जा रहा है। स्वीकृति मिलते ही काम में तेजी आएगी। यह योजना सभी 18 ब्लॉकों में चलेगी।
प्रेरणा ओजस के तहत सोलर प्रोडक्ट असेंबलिंग यूनिट स्थापित की जाएगी। इसके लिए पराग के प्रशिक्षण केंद्र का चयन कर लिया गया है। पराग के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा जा रहा है। इस योजना से स्वयं सहायता समूह की हजारों महिलाएं स्वावलंबी बन सकेंगी।