प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। प्रदेश सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण और मोबिलिटी प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत दी जा रही सब्सिडी और अन्य रियायतों का असर अब पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहा है। परिवहन विभाग के अनुसार, ईवी क्रय सब्सिडी योजना के लिए सबसे अधिक आवेदन राजधानी लखनऊ से मिले हैं। बड़े शहरों के साथ अब छोटे जिलों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ ट्रांसपोर्ट नगर आरटीओ में सबसे अधिक 12,520 आवेदन मिले हैं। इसके बाद आगरा, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, वाराणसी, कानपुर नगर, सहारनपुर, गोरखपुर और प्रयागराज से आवेदन मिले हैं।
मिलती है पांच हजार की स्टेट सब्सिडी
छोटे जिलों में मऊ, गाजीपुर, कुशीनगर, उन्नाव, महाराजगंज, संत कबीर नगर और सिद्धार्थनगर से भी लोगों ने सब्सिडी के लिए आवेदन किया है। योजना के तहत दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर पांच हजार रुपये की स्टेट सब्सिडी मिलती है।
इसके अलावा रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट दी जा रही है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि योजना के तहत बड़ी इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 20 लाख रुपये, छोटी गाड़ियों पर एक लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इससे लोगों को स्वच्छ और किफायती परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।