सलोन में बने करीब 52 हजार फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों के निरस्तीकरण कार्य जारी है। करीब छह माह बाद अभी तक महज 15 हजार प्रमाण पत्र ही निरस्त हो पाए। काम में तेजी लाने के लिए चार ग्राम सचिवों को लगाया गया हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत के 200 प्रमाण पत्र निरस्त किए जाएंगे। जुलाई माह में इस काम को पूरा कर लिया जाएगा।
सलाेन में 2020 से 2023 के बीच कुल 53,267 जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए थे, जिनमें 52,846 फर्जी पाए गए और केवल 421 प्रमाण पत्र ही सही मिले थे। सभी जन्म प्रमाण पत्र सहज जनसेवा केंद्र से जारी हुए थे। वीडीओ जितेंद्र सिंह यादव ने थाने में तहरीर दी थी कि उनकी आईडी पासवर्ड चोरी कर जनसेवा केंद्र संचालक जीशान और उसके पिता रियाज ने फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए थे।
एटीएस की जांच में सामने आई थी मिलीभगत
हालांकि, एटीएस की जांच में जितेंद्र यादव की जीशान के साथ मिलीभगत सामने आई थी। इसके बाद वीडीओ जितेंद्र, जीशान और उसके पिता रियाज को गिरफ्तार किया गया था। करीब दिसंबर 2025 में जिलाधिकारी ने इन्हें निरस्त किये जाने का अनुमोदन कर चिट्ठी रजिस्ट्रार सेंसस को भेज दी थी। दिसंबर में ही अनुमोदन मिलने के बाद से इन्हें निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
इस काम के लिए दो ग्राम सचिवों को लगाया गया, लेकिन इसको निरस्त करने की प्रक्रिया काफी धीमी रही। छह माह में महज दस हजार के करीब प्रमाण पत्र निरस्त हो सके। प्रमाणपत्रों को बल्क में निरस्त करने के लिए पूर्व डीपीआरओ सौम्यशील सिंह ने मुख्यालय से निर्देश मांगे थे, लेकिन कोई आदेश जारी नहीं हुआ।
इसके बाद नवागंतुक डीपीआरओ विनय सिंह ने जिलाधिकारी से निर्देश लेकर सचिवों की संख्या बढ़ाकर चार कर दी। डीपीआरओ ने सचिवों को निर्देश दिए कि प्रतिदिन 1500 से दो हजार के बीच प्रमाण पत्र निरस्त किए जाएं।