अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्था (एम्स) में स्वास्थ्य सेवाओं में जल्द सुधार होगा। राज्य सरकार से एम्स को 31 विशेषज्ञ डॉक्टर जल्द मिल सकते हैं। राज्य स्तर पर बांड के आधार पर एम्स में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की व्यवस्था के लिए 16 जून से काउंसिलिंग शुरू होगी। इससे पहले एम्स की निदेशक अमिता जैन और अपर चिकित्सा अधीक्षक नीरज कुमार श्रीवास्तव ने प्रमुख सचिव से मुलाकात की थी। उन्होंने चिकित्सकों की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया है।
एम्स में लगातार सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों के माध्यम से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को सीटी स्कैन और एमआईआर सहित कई जांचों की रिपोर्ट भी तुरंत नहीं मिल पा रही है। एम्स में विशेषज्ञ डॉक्टरों और फैकल्टी सदस्यों की कमी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से डॉक्टरों की व्यवस्था प्रतिनियुक्ति पर उपलब्ध कराने का भरोसा पिछले साल ही दिया था। चिकित्सकों की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार ने प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
इससे पहले एम्स की निदेशक और अपर चिकित्सा अधीक्षक ने लखनऊ पहुंचकर प्रमुख सचिव से मुलाकात की। प्रमुख सचिव को एम्स में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बारे में बताया। काउंसलिंग के माध्यम से चिकित्सकों की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा सकें।
सुपर स्पेशलिस्ट कोर्स शुरू करने की तैयारी
एम्स में सुपर स्पेशलिस्ट कोर्स भी शुरू कराने की तैयारी की गई है, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। इसके लिए सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की आवश्यकता है। इसकी मांग राज्य सरकार से की गई है। इन कोर्सों के शुरू होने से मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।
एम्स में सीनियर रेजीडेंट चिकित्सकों की कमी को दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है। निदेशक के साथ लखनऊ में प्रमुख सचिव से मुलाकात की गई है। बांड के आधार पर चिकित्सकों की काउंसलिंग शुरू होनी है।