रायबरेली जिले में चक्रवाती तूफान के बाद बिजली बहाली के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। गदागंज थाना क्षेत्र के पूरे जुल्फिकार अली मजरे धमधमा गांव में कथित तौर पर चंदा न देने पर चार घरों की बिजली काट दी गई है। ग्रामीण लाइनमैन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं विद्युत विभाग ने जांच का आश्वासन दिया है।
13 मई को आए तूफान से जिले की विद्युत व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी, जिससे लाखों उपभोक्ता परेशान थे। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली लाइन ठीक कराने के लिए गांव के कुछ लड़कों ने प्रति घर 50 से 100 रुपये का चंदा वसूलना शुरू कर दिया। जिन्होंने चंदा देने से इनकार किया, उनकी बिजली लाइनें नहीं जोड़ी गईं या काट दी गईं।
पीड़ित मोहम्मद साहिद, शकील, पुल्लन और शरीफ ने बताया कि तूफान से उनके मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। तूफान के बाद पूरे गांव में बिजली नहीं थी। जब उनसे भी चंदा मांगा गया और उन्होंने बाद में 100 रुपये देने की बात कही, तो गदागंज विद्युत उपकेंद्र में तैनात जगतपाल और उनके साथ आए अन्य कर्मचारियों ने उनके बिजली के पोल के पास गिरी लाइन को नहीं जोड़ा। कर्मचारियों ने खंभे पर चढ़ने के लिए 500 रुपये की मांग की।
पीड़ितों का कहना है कि पूरे गांव में बिजली आ रही है, लेकिन चंदा न देने के कारण उनके चार घरों की बिजली बाधित कर दी गई है। 44 डिग्री सेल्सियस के तापमान और भीषण गर्मी में वे अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
इस मामले पर विद्युत विभाग के अवर अभियंता नितेश कुमार का कहना है कि आरोपों की जांच करवाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।