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Child Trafficking-: दिल्ली पुलिस ने किया अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड़, 30 से अधिक शिशुओं को बेचने का खुलासा

दिल्ली पुलिस की जांच में पता चला है कि पिछले डेढ़ साल में कई राज्यों में लगभग 30 शिशुओं को 10 लाख रुपये तक की कीमत पर बेचा गया, जबकि उन्हें 10,000 से 20,000 रुपये में खरीदा गया था। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

राजधानी दिल्ली में बच्चों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इस गिरोह ने पिछले डेढ़ साल में विभिन्न राज्यों में लगभग 30 नवजात शिशुओं का सौदा किया। पुलिस अधिकारियों द्वारा शुक्रवार को दी गई जानकारी के अनुसार, इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था और यह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मजबूरी का फायदा उठाकर बच्चों की खरीद-फरोख्त कर रहा था।

दिल्ली पुलिस की जांच में पता चला है कि पिछले डेढ़ साल में कई राज्यों में लगभग 30 शिशुओं को 10 लाख रुपये तक की कीमत पर बेचा गया, जबकि उन्हें 10,000 से 20,000 रुपये में खरीदा गया था। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। जांच से सामने आई नयी जानकारी से पता चला है कि राजस्थान और गुजरात के आदिवासी इलाकों समेत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से नवजात शिशुओं और बच्चों को खरीदा जाता था और उन्हें दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में उन दंपतियों को बेच दिया जाता था जिनकी कोई संतान नहीं थी।

दिल्ली पुलिस ने तस्करी गिरोह के सिलसिले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कथित तस्कर, बिचौलिए, खरीदार और एक अस्पताल का मालिक शामिल हैं, और पांच नवजातों को बचाया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह गिरोह कथित तौर पर 10,000 से 20,000 रुपये में बच्चे खरीदता था और इसके बाद जाली चिकित्सा और जन्म संबंधी दस्तावेज तैयार करके उन्हें छह लाख से 10 लाख रुपये में बेच देता था।

बढ़ता नेटवर्क और पुलिस की चौकसी

इस खुलासे ने एक बार फिर मानव तस्करी (Human Trafficking) और खासकर नवजातों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली पुलिस अब इस गिरोह के अन्य कड़ियों और मददगारों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं और बचाए गए बच्चों को सुरक्षित देखरेख में भेज दिया गया है।

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